रांची: मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) में दस्तावेजों की बाध्यता को लेकर आदिवासी-मूलवासी और सामाजिक संगठन अब सड़क पर उतरेंगे। 10 अक्टूबर को शाम 4 बजे जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम से फिरायालाल चौक तक विरोध मार्च निकाला जाएगा। इसके बाद निर्वाचन आयोग का पुतला दहन किया जाएगा।

करमटोली स्थित धुमकुड़िया में संयुक्त संवाददाता सम्मेलन में केंद्रीय सरना समिति, ऑल मुस्लिम यूथ एसोसिएशन और आदिवासी समन्वय संगठनों ने आंदोलन की घोषणा की। संगठनों ने कहा कि एसआईआर में दस्तावेज जुटाने की प्रक्रिया से ग्रामीण, महिलाएं और बुजुर्ग परेशान हैं।
केंद्रीय सरना समिति के अध्यक्ष अजय तिर्की ने कहा कि कई लोगों के पास मांगे जा रहे दस्तावेज उपलब्ध नहीं हैं। उन्होंने एसआईआर प्रक्रिया पर रोक लगाने की मांग की।
ऑल मुस्लिम यूथ एसोसिएशन के अध्यक्ष एस. अली ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में एसआईआर और जरूरी कागजात को लेकर पर्याप्त जानकारी नहीं है। कई परिवारों के पास जन्म, शैक्षणिक, आवासीय और जाति प्रमाण पत्र समेत जरूरी दस्तावेज नहीं हैं।
आदिवासी समन्वय संगठनों के लक्ष्मी नारायण मुंडा ने कहा कि मतदाता सूची सुधार के नाम पर किसी पात्र नागरिक को परेशान नहीं किया जाना चाहिए। दस्तावेज की कमी या प्रशासनिक त्रुटि से किसी योग्य मतदाता का नाम नहीं हटना चाहिए। ज्योत्सना केरकेट्टा ने भी दस्तावेज संबंधी परेशानियों का मुद्दा उठाया। मौके पर संजय लोहरा, कृष्णा लोहरा, गौतम उरांव, प्रकाश हंस और शिबू मुंडा समेत अन्य लोग मौजूद थे।
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