रांची: आधुनिक जीवनशैली के बीच पीछे छूटती जा रही पुरानी परंपराओं और यादों को इस बार त्रिकोण हवन कुंड दुर्गा पूजा समिति अपने पंडाल में जीवंत करेगी। सुभाष चौक स्थित यूनिवर्सिटी पार्किंग स्थल पर ‘खोई हुई और भुली हुई चीजों की खोज’ थीम पर पंडाल तैयार किया जा रहा है। इसका उद्देश्य नई पीढ़ी को पुरानी जीवनशैली और सांस्कृतिक विरासत से परिचित कराना है।

कोलकाता के कलाकार बाबू दा और बापी दा करीब 25 सहयोगियों के साथ पंडाल निर्माण में जुटे हैं। बांस, मिट्टी, जूट और रस्सी जैसी सामग्रियों का इस्तेमाल किया जा रहा है। आकर्षक रोशनी और विद्युत सज्जा भी पंडाल का हिस्सा होगी। समिति के अनुसार, पंडाल चतुर्थी से श्रद्धालुओं के लिए खोलने की तैयारी है।
जागरण, भजन और सांस्कृतिक कार्यक्रम होंगे आकर्षण
पूजा के दौरान सप्तमी और नवमी को सांस्कृतिक कार्यक्रम, झांकियां और मंच नाटक प्रस्तुत किए जाएंगे। नवमी को जागरण और भजन संध्या होगी। अष्टमी पर खीर प्रसाद और नवमी को खिचड़ी भोग वितरित किया जाएगा। आयोजन के लिए करीब 26 से 27 लाख रुपये खर्च होने का अनुमान है। 21 अक्टूबर को मां दुर्गा की विसर्जन शोभायात्रा निकाली जाएगी।

आयोजन में मुख्य संरक्षक मृत्युंजय सिंह, मुख्य सलाहकार शंकर दुबे, अध्यक्ष जितेंद्र सिंह, संरक्षक अवध तिवारी, जितेंद्र साव, बबलू तिवारी, कुमार राजा, विशाल कृष्णा व सुमित सिंह शामिल हैं। सचिव रमेश गुप्ता, कोषाध्यक्ष राजेश ठाकुर, उपाध्यक्ष अजय श्रीवास्तव, सतीश ठाकुर, राकेश सिंह व बॉबी सिंह तथा सह सचिव दीपक गुप्ता भी तैयारियों में जुटे हैं।
पूजा प्रभारी विनीत तिवारी के साथ चिंटू गुप्ता, अजीत ठाकुर, संदीप ठाकुर, प्रदीप ठाकुर, चंदन वर्मा, मिट्ठू जायसवाल, सूरज ठाकुर, राज, माहि, विशाल ठाकुर, प्रदीप गुप्ता, राजू गुप्ता, प्रेम ठाकुर, सुजल, महि और पंकज सहित अन्य सदस्य आयोजन को सफल बनाने में लगे हैं।

