पंडाल में दिखेगी चोल साम्राज्य के स्थापत्य कला की भव्य झलक

रांची: राजधानी रांची में शारदीय नवरात्र की तैयारियां शुरू हो गई हैं। बकरी बाजार स्थित भारतीय युवक संघ इस वर्ष श्रद्धालुओं को दक्षिण भारत की ऐतिहासिक स्थापत्य कला से रूबरू कराएगा। संघ द्वारा इस बार तमिलनाडु के तंजावुर स्थित प्रसिद्ध बृहदेश्वर मंदिर के प्रारूप पर आधारित भव्य पूजा पंडाल बनाया जाएगा। बताया जाता है कि भारतीय युवक संघ हर वर्ष देश-विदेश की प्रसिद्ध धार्मिक और ऐतिहासिक धरोहरों को पंडाल की थीम बनाता रहा है। पिछले वर्ष अंकोरवाट के बाद इस बार भगवान शिव को समर्पित तंजावुर के बृहदेश्वर मंदिर को चुना गया है। संघ के अध्यक्ष राहुल अग्रवाल ने बताया कि पंडाल का निर्माण प्राकृतिक सामग्री से किया जाएगा। डिजाइन और कारीगरी का काम शुरू हो चुका है। कोशिश है कि बारीक नक्काशी और संरचना के जरिए श्रद्धालुओं को वास्तविक मंदिर जैसी भव्यता का अनुभव हो।

पंडाल की खासियत

पंडाल के बाहर भगवान शिव के वाहन नंदी की विशाल प्रतिमा स्थापित की जाएगी। भीतर बृहदेश्वर मंदिर की द्रविड़ स्थापत्य शैली और बारीक कारीगरी को उकेरा जाएगा। भूमि पूजन के बाद कारीगरों की टीम पारंपरिक शैली में काम शुरू करेगी।

एक हजार साल पुरानी विरासत

तंजावुर का बृहदेश्वर मंदिर 11वीं शताब्दी में चोल सम्राट राजराज प्रथम के शासनकाल में बना था। इसे पेरुवुदैयार कोविल भी कहा जाता है। ऊंचा शिखर, विशाल संरचना और पत्थरों पर की गई बारीक कारीगरी के कारण यह मंदिर यूनेस्को की विश्व धरोहर सूची में भी शामिल है।

1958 से सक्रिय हैं भारतीय युवक संघ

भारतीय युवक संघ 1958 से धार्मिक, सांस्कृतिक और सामाजिक गतिविधियों से जुड़ा है। संघ का मानना है कि दुर्गापूजा सिर्फ धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि कला और संस्कृति को आम लोगों तक पहुंचाने का माध्यम भी है।

 

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