विधेयक के खिलाफ गांव-गांव जाएगी झामुमो

रिपोर्ट- एस. अंसारी 

रांची: केंद्र सरकार के एमडीआर संशोधन विधेयक 2026 के खिलाफ झारखंड मुक्ति मोर्चा ने आंदोलन का फैसला किया है। इसे लेकर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में हरमू स्थित सोहराय भवन में गुरुवार को आयोजित झामुमो केंद्रीय समिति की बैठक आयोजित की गई। जिसमे तय हुआ कि एमएमडीआर बिल को लेकर आंदोलन को जनता और उनकी रोजमर्रा की जरूरतों के सवाल के रूप में गांव-गांव तक पहुंचाया जाएगा।

बैठक में विधेयक को झारखंड के अधिकारों पर हमला बताते हुए इसे ‘काला बिल’ करार दिया गया। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि राज्य की सबसे बड़ी आर्थिक ताकत खनिज संपदा है और इससे मिलने वाला राजस्व ही मंईयां सम्मान, अबुआ आवास, शिक्षा और सामाजिक सुरक्षा जैसी जनकल्याणकारी योजनाओं की रीढ़ है।

झामुमो ने आशंका जताई कि यदि नए कानून से खनिज राजस्व पर असर पड़ता है तो इसका सीधा दबाव इन योजनाओं पर पड़ेगा। इसी कारण पार्टी अब इस मुद्दे को सिर्फ राजनीतिक बहस तक सीमित न रखकर परिवारों के हित से जोड़कर प्रचारित करेगी। बैठक में सांसद विजय हांसदा, सांसद नलिन सोरेन, वरिष्ठ विधायक प्रो. स्टीफन मरांडी और विधायक हेमलाल मुर्मू सहित कई वरिष्ठ नेता शामिल हुए। 

बूथ से राज्य स्तर तक बनेगा आंदोलन का ढांचा

केंद्रीय समिति ने कार्यकर्ताओं को गांव-गांव जाकर जागरूकता अभियान चलाने का निर्देश दिया है। तय रणनीति के तहत आंदोलन की शुरुआत बूथ स्तर से होगी और इसे क्रमशः पंचायत, प्रखंड, जिला और राज्य स्तर तक ले जाया जाएगा। पार्टी का तर्क है कि आम लोगों को खनिज संसाधन, राज्य की आय और सरकारी योजनाओं के आपसी संबंध को समझाना जरूरी है, तभी बिल के खिलाफ व्यापक जनसमर्थन जुटाया जा सकेगा। आने वाले दिनों में जनसंपर्क और आंदोलनात्मक कार्यक्रम तेज किए जाएंगे।

 

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