| पारंपरिक हथियारों के साथ प्रदर्शन, जमकर की नारेबाजी |
रैयत विस्थापितों की अनदेखी कर रही प्रबंधन : मोर्चा
भुरकुंडा (रामगढ़): संयुक्त विस्थापित प्रभावित मोर्चा ने मंगलवार को सीसीएल भुरकुंडा परियोजना के नये संगम आउटसोर्सिंग पैच पर अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया। इसके साथ ही आवागमन बाधित कर ओबी ट्रांसपोर्टिंग भी ठप करा दिया। इस दौरान झंडा-बैनर, ढोल-नगाड़ों और पारंपरिक हथियारों से लैस दर्जनों की संख्या में ग्रामीण महिला-पुरूषों ने आउटसोर्सिंग कंपनी में रोजगार सहित छह सूत्री मांगों को लेकर नारेबाजी करते हुए जमकर विरोध प्रदर्शन किया।

मोर्चा की ओर से कहा गया कि भुरकुंडा कोलियरी प्रबंधन को छह सूत्री मांग पत्र दिया गया था। जिसमें आउटसोर्सिंग कंपनी में रोजगार, लोकल सेल चालू करने, राजस्व गांव में सीएसआर मद से सुविधाएं उपलब्ध कराने सहित अन्य मांगें रखी गई थीं। मांगों पर हुई वार्ता में प्रबंधन ने साकारात्मक पहल का आश्वासन भी दिया था। बावजूद इसके अबतक कोई पहल नहीं की जा सकी है। जिसपर चारों राजस्व गांव बलकुदरा, कुरसे, देवरिया और दुंदुवा के ग्रामीण अनिश्चितकालीन धरना और चक्का जाम आंदोलन करने को बाध्य हैं।
वहीं पूर्व जिप सदस्य झरी मुंडा ने कहा कि कोलियरी प्रबंधन और आउटसोर्सिंग कंपनी रैयत विस्थापितों की अनदेखी कर रही है। छह सूत्री मांगों पर पहल नहीं की जा रही है। जबकि आउटसोर्सिंग कंपनी खनन कार्य करने में लगी हुई है। कहा कि कोयला खनन के लिए जमीन देनेवाले चारों राजस्व गांव के रैयत-विस्थापित आज रोजी-रोजगार के लिए पलायन को विवश हैं। जब तक कोलियरी प्रबंधन और आउटसोर्सिंग कंपनी मोर्चा की मांगों को पूरा नहीं करती है, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
आंदोलन में राणा प्रताप सिंह, फुलेश्वर राम, रामदास बेदिया, संतोष मांझी, सूरज हेम्ब्रम, संजय मांझी, अभिजीत सोरेन, मिंटू मुंडा, राजेंद्र मुंडा, कैलाश प्रसाद, अजय साह, राजाराम प्रसाद, संजय मांझी, रोहित मुंडा, कमलेश सिंह, संजय यादव, कपूर सिंह, महेश सिंह, हरिचरण, राजेंदर मुंडा, अनिल एक्का, सुरेंद्र सोरेन, मानाराम मांझी, उमेश बेदिया, राज मुर्म, सूरज मुर्म, विजय हेमब्रम, महावीर मांझी,सहदेव मांझी, अभिजीत सोरेन, छोटू बेदिया, महेश मुर्म, विष्णु हेमब्रोम,पारो देवी सुंदरी देवी, ललिता देवी, मालती देवी, सरिता देवी, हीरा रीना देवी, नमिता देवी,बसंती देवी, नरेंद्र बेदिया, सुनील बेदिया, राजेश महतो, कैलाश प्रसाद, अजय साहू, सुरेंद्र तुरी, सुनील बेदिया, सुनील नायक, नरेंद्र बेदिया, राजन, बुलंद बेदिया, संजय यादव, मनोज मुंडा, लालो मुंडा, विकाश भुइयां, अमित मुंडा, आकाश नायक, बीरबल मांझी, रामदास मांझी, कृष्ण मुर्मू रूपलाल मुर्मू, गीता देवी, मीना देवी, श्रीमती देवी, मधु देवी, मनसा देवी, सरस्वती देवी, तालू देवी, सोनवंती देवी, सरिता टुडू, उमेश हंसदा सहित कई अन्य शामिल हैं।
| भुरकुंडा के नये आउटसोर्सिंग माइंस पर एक साथ दो आंदोलन
सीसीएल की भुरकुंडा परियोजना में हाल में चालू हुए नये आउटसोर्सिंग माइंस पर जहां रैयत विस्थापित मोर्चा के बैनर तले बीते पांच दिनों से अनिश्चितकालीन धरना दिया जा रहा है, वहीं संयुक्त विस्थापित प्रभावित मोर्चा द्वारा भी अनिश्चितकालीन धरना और चक्का जाम आंदोलन शुरू कर दिया गया है। माइंस पर ओबी खनन और ट्रांसपोर्टिंग का काम पूरी तरह से ठप है। बताते चलें कि आउटसोर्सिंग कंपनी में रोजगार सहित अन्य मांगों को लेकर तकरीबन 14 समितियों ने सीसीएल को मांग सौंपा था। जिसपर त्रिपक्षीय वार्ता भी आयोजित की गई थी। हालांकि वार्ता में सहमति नहीं बन सकी। फिलहाल दो गुटों ने मैदान में उतरकर ताल ठोक दिया है। अब देखना यह होगा कि प्रबंधन ओर से क्या पहल होती है और अन्य समितियां अपनी मांगों को लेकर क्या-कुछ कदम उठाती हैं। |
