नई दिल्ली: डेमोक्रेटिक सोशलिस्ट रिपब्लिक ऑफ़ श्रीलंका के राष्ट्रपति, महामहिम रानिल विक्रमसिंघे ने शुक्रवार को राष्ट्रपति भवन में भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात की।

राष्ट्रपति विक्रमसिंघे का भारत में स्वागत करते हुए राष्ट्रपति ने कहा कि श्रीलंका भारत की ‘नेबरहुड फर्स्ट’ नीति और SAGAR (क्षेत्र में सभी की सुरक्षा और विकास) विजन में एक विशेष स्थान रखता है। पिछले एक वर्ष में श्रीलंका को उसकी आर्थिक चुनौतियों से निपटने के लिए भारत का बहु-आयामी समर्थन, श्रीलंका के साथ द्विपक्षीय संबंधों के प्रति भारत की दीर्घकालिक प्रतिबद्धता का प्रमाण है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि भारत जरूरत की घड़ी में हमेशा श्रीलंका के साथ खड़ा रहा है और भविष्य में भी ऐसा करना जारी रखेगा।

राष्ट्रपति ने कहा कि हमारी साझेदारी हमारे दोनों देशों और बड़े हिंद महासागर क्षेत्र के आम लोगों के लिए स्थायी और फायदेमंद है। दोनों नेताओं ने कहा कि भारत और श्रीलंका कई क्षेत्रों में कई प्रमुख परियोजनाओं पर काम कर रहे हैं, और भारत-श्रीलंका विकास साझेदारी ने श्रीलंकाई लोगों के जीवन को सकारात्मक तरीके से प्रभावित किया है।

राष्ट्रपति ने कहा कि भारत राष्ट्रपति विक्रमसिंघे के नेतृत्व मे श्रीलंका के साथ अपनी विकासात्मक साझेदारी को जारी रखने और मजबूत करने के लिए तत्पर है।

 

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