5 हजार CM स्कूल ऑफ एक्सीलेंस बनाने का लक्ष्य निर्धारित 

रांची: मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने सोमवार को झारखंड मंत्रालय में स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग की समीक्षा बैठक की। बैठक में वित्तीय वर्ष 2025-26 की उपलब्धियों और 2026-27 की कार्य योजना पर चर्चा हुई।

CM स्कूल ऑफ एक्सीलेंस का होगा विस्तार

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि राज्य में CM स्कूल ऑफ एक्सीलेंस की संख्या बढ़ाकर 5 हजार की जाए, ताकि हर पंचायत तक गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पहुंचे। उन्होंने कहा कि सरकारी स्कूलों में आधारभूत संरचना और आधुनिक तकनीक के संसाधन उपलब्ध कराए जा रहे हैं।

शिक्षक नियुक्ति को मिलेगी रफ्तार

मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षकों के शत-प्रतिशत पद भरना सरकार की प्राथमिकता है। पिछले महीनों में हजारों शिक्षकों की बहाली हुई है, रिक्त पदों को जल्द भरा जाए। नव नियुक्त शिक्षकों का वेतन समय पर मिले, इसके लिए सभी वेरिफिकेशन इस माह के अंत तक पूरे करने होंगे। अगले 6-8 महीने में कोई भी विद्यालय सिंगल टीचर के भरोसे न चले, इसके लिए स्थानीय योग्य युवाओं को जोड़ने का निर्देश दिया।

ड्रॉप आउट में झारखंड राष्ट्रीय औसत से बेहतर

बैठक में बताया गया कि प्राथमिक और माध्यमिक स्तर पर ड्रॉप आउट बच्चों की संख्या में कमी आई है। झारखंड इस मामले में राष्ट्रीय औसत से आगे है। श्रम विभाग के साथ मिलकर मजदूरी करने वाले बच्चों को चिन्हित कर स्कूलों में नामांकन कराया जा रहा है। किताब, साइकिल वितरण भी समय पर हो रहा है।

शहीद पुलिसकर्मियों के बच्चों के लिए बनेगा स्कूल

जगुआर कैंपस रांची में 6 एकड़ भूमि पर प्रस्तावित दिशोम गुरु शिबू सोरेन विद्यालय की DPR एक सप्ताह में सौंपने का निर्देश दिया गया।  बताते चलें कि इस विद्यालय में शहीद पुलिसकर्मियों के बच्चों को निःशुल्क शिक्षा दी जाएगी।

मुख्यमंत्री ने ये निर्देश भी दिए

• सभी सरकारी स्कूलों में इंटरनेट और आईसीटी लैब दुरुस्त की जाए।
• पायलट प्रोजेक्ट के तहत छात्रों के लिए परिवहन सुविधा शुरू हो।
• स्कूल परिसरों में व्यापक वृक्षारोपण अभियान चलाया जाए।
• खेल गतिविधियों को बढ़ावा दिया जाए और प्रतिभाशाली बच्चों को चिन्हित किया जाए।
• नेताजी सुभाष चंद्र बोस आवासीय विद्यालयों में अभिवंचित बच्चों को बेहतर सुविधा मिले।

बैठक में मुख्य सचिव अविनाश कुमार, अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह, स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग के सचिव उमा शंकर सिंह, राज्य परियोजना निदेशक शशि रंजन, माध्यमिक शिक्षा निदेशक राजेश प्रसाद, प्राथमिक शिक्षा निदेशक मनोज कुमार रंजन समेत अन्य अधिकारी मौजूद थे।

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