विद्यालय परिसर में साफ-सफाई रखने और स्मार्ट क्लास संचालन को लेकर दिए निर्देश

भुरकुंडा (रामगढ़): उपायुक्त ऋतुराज ने बुधवार को रिवर साइड स्थित बालिका उच्च विद्यालय भुरकुंडा का औचक निरीक्षण कर विद्यालय में संचालित शैक्षणिक गतिविधियों, आधारभूत सुविधाओं का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान उपायुक्त ने विद्यालय परिसर, कक्षाओं, शौचालयों, पेयजल व्यवस्था एवं अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं का अवलोकन किया।

निरीक्षण के क्रम में विद्यालय परिसर में साफ-सफाई की स्थिति को देखते हुए उपायुक्त ने विद्यालय प्रबंधन को नियमित साफ-सफाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को स्वच्छ एवं बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराना विद्यालय की प्राथमिक जिम्मेदारी है।

निरीक्षण के दौरान उपायुक्त ने रेल परियोजना के तहत विद्यालय में प्रतिमाह आयोजित होने वाली परीक्षाओं की समीक्षा की। साथ ही प्रोजेक्ट इंपैक्ट के अंतर्गत संचालित गतिविधियों एवं शैक्षणिक कार्यों का भी अवलोकन किया। समीक्षा के क्रम में कई स्तरों पर असंतोषजनक स्थिति एवं विभिन्न कमियां पाई गईं। इस पर गंभीर नाराजगी व्यक्त करते हुए उपायुक्त ने विद्यालय की प्राचार्य से स्पष्टीकरण मांगा। साथ ही प्राचार्य सहित विद्यालय के सभी शिक्षकों एवं अन्य कर्मियों के वेतन पर अगले आदेश तक रोक लगाने का निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिया।

उपायुक्त ने विद्यालय में एचडीएफसी एवं ओएनजीसी के सहयोग से स्थापित स्मार्ट क्लास का भी निरीक्षण किया। स्मार्ट क्लास का संचालन बंद पाए जाने पर उन्होंने संबंधित एजेंसियों एवं शिक्षा विभाग के अधिकारियों को आपसी समन्वय स्थापित कर यथाशीघ्र स्मार्ट क्लास का संचालन पुनः प्रारंभ कराने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि आधुनिक तकनीक आधारित शिक्षण व्यवस्था का लाभ विद्यार्थियों तक हर हाल में पहुंचना चाहिए।

निरीक्षण के दौरान उपायुक्त ने विभिन्न कक्षाओं में जाकर छात्राओं से सीधे संवाद किया। उन्होंने छात्राओं से उनकी पढ़ाई, विद्यालय में उपलब्ध सुविधाओं, शिक्षण व्यवस्था, नियमित कक्षाओं, परीक्षा, स्मार्ट क्लास एवं अन्य विषयों की जानकारी ली। उपायुक्त ने छात्राओं को नियमित रूप से विद्यालय आने, मन लगाकर पढ़ाई करने तथा अपने लक्ष्य के प्रति समर्पित रहने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है और विद्यार्थियों के हितों से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा।

उपायुक्त ने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि विद्यालय में पाई गई सभी कमियों का 10 दिनों में निराकरण सुनिश्चित किया जाए और निर्धारित समय सीमा के भीतर अनुपालन प्रतिवेदन उपलब्ध कराया जाए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि शैक्षणिक गुणवत्ता, अनुशासन एवं विद्यार्थियों के हितों की अनदेखी करने वाले किसी भी स्तर के पदाधिकारी या कर्मी के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

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