एमएमडीआर संशोधन विधेयक के खिलाफ प्रदर्शन 

पतरातू (रामगढ़): पूर्व घोषित कार्यक्रम के तहत झारखंड मुक्ति मोर्चा पतरातू प्रखंड कमेटी ने शनिवार को एमएमडीआर संशोधन विधेयक के विरोध में विशाल धरना दिया। इससे पूर्व प्रखंड अध्यक्ष राजेंद्र महतो की अगुवाई में झंडा-बैनर से लैस सैंकड़ों की संख्या में कार्यकर्ता नारेबाजी करते प्रखंड मुख्यालय पहुंचे। जहां आम सभा कर केंद्र सरकार द्वारा लाए गए खान एवं खनिज (विकास एवं विनियम)  संशोधन विधेयक के खिलाफ विरोध जताया गया।

सभा को संबोधित करते हुए प्रखंड अध्यक्ष राजेंद्र महतो ने कहा कि झारखंड की खनिज संपदा पर पहला अधिकार झारखंड राज्य और यहां के लोगों का होना चाहिए। जबकि केंद्र सरकार विधेयक में संशोधन कर यहां के विकास को प्रभावित करना चाह रही है। केंद्र सरकार विधेयक को वापस ले अन्यथा झारखंड के लोग चरणबद्ध आंदोलन को बाध्य होंगे।

वहीं सभा को संबोधित करते हुए अन्य वक्ताओं ने कहा कि राज्य में अकूत खनिज संपदा के बावजूद यहां के लोग गरीब हैं और पलायन को मजबूर हैं। कहा गया कि केंद्र की भाजपा सरकार पूंजीपतियों की सरकार है, जिसे झारखंड की जनता से कोई सरोकार नहीं है। लोग यहां विस्थापन की समस्या से जूझ रहे हैं और खनन कंपनियां कायदे कानून को ताक पर रखकर मनमानी कर रही है। धरना-प्रदर्शन के उपरांत प्रखंड कार्यालय में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के नाम ज्ञापन सौंपा गया। जिसके माध्यम से एमएमडीआर संशोधन विधेयक पर हस्तक्षेप करने और वापस लेने की मांग की गई।

मौके पर झरी मुंडा, झलकू गंझू, उदय मालाकार, योगेंद्र यादव, अनिल एक्का, सूरज हेंब्रम, संतोष मांझी, रामदास बेदिया, चरेंद्र बेदिया, कुलेश्वर राम, आजाद राय, शुभम पांडेय, रूस्तम, सिकंदर, लखी राम, जयलाल सिंह, नरेश राम, सुनील बेदिया, हरीलाल बेदिया, विरेन्द्र बेदिया, धर्मदास राम, संजय सोरेन, प्रकाश बेदिया, साम्बंती देवी, प्यासों देवी, नीता देवी, सरिता देवी, शांति देवी, उर्वशी मुर्मू, दुर्गी देवी, हीना मरांडी, विनिता देवी, मीता टुडू, सबिता, अलका मरांडी, अफसाना परवीन, नजमा खातून सहित बड़ी संख्या में महिला-पुरूष कार्यकर्ता मौजूद थे।