किसानों तक वैज्ञानिक तकनीक पहुंचाने में आदान विक्रेताओं की भूमिका अहम : डॉ. सुधांशु शेखर
मांडू (रामगढ़): कृषि विज्ञान केंद्र मांडू में कृषि आदान विक्रेताओं और ग्रामीण युवाओं के लिए आयोजित 15 दिवसीय “समेकित पोषक तत्व प्रबंधन” प्रशिक्षण कार्यक्रम सोमवार को संपन्न हुआ। प्रशिक्षण में जिले के 40 आदान विक्रेता और ग्रामीण युवाओं ने भाग लिया।
समापन सत्र को संबोधित करते हुए कार्यक्रम के पाठ्यक्रम निदेशक सह केंद्र के प्रधान वैज्ञानिक डॉ. सुधांशु शेखर ने कहा कि आज खेती में उत्पादन बढ़ाने के साथ मिट्टी की उर्वरता बचाना सबसे बड़ी चुनौती है। असंतुलित उर्वरक उपयोग से न सिर्फ लागत बढ़ रही है, बल्कि पर्यावरणीय समस्याएं भी पैदा हो रही हैं। उन्होंने रासायनिक, जैविक और जैव उर्वरकों के संतुलित उपयोग पर जोर देते हुए कहा कि आदान विक्रेता और ग्रामीण युवा किसान और वैज्ञानिक संस्थानों के बीच सबसे मजबूत कड़ी हैं। यदि ये लोग मृदा परीक्षण आधारित अनुशंसा, मृदा स्वास्थ्य कार्ड और संतुलित पोषक प्रबंधन की सही जानकारी किसानों तक पहुंचाएं तो उत्पादन और आमदनी दोनों बढ़ सकती है।

उन्होंने बताया कि प्रशिक्षण में कुल 44 सत्र आयोजित किए गए, जिनमें 32 सैद्धांतिक और 12 व्यावहारिक सत्र शामिल थे। भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के विभिन्न संस्थानों और बिरसा कृषि विश्वविद्यालय, रांची के वैज्ञानिकों ने संसाधन व्यक्ति के रूप में मृदा स्वास्थ्य, पौध पोषण, जैव उर्वरक, कार्बनिक खाद, सूक्ष्म पोषक तत्व प्रबंधन और विभिन्न फसलों में INM की तकनीकों पर जानकारी दी।
इस दौरान प्रशिक्षण समन्वयक डॉ. इन्द्रजीत कुमार ने बताया कि व्यावहारिक सत्रों में प्रतिभागियों को मृदा नमूना लेना, परीक्षण रिपोर्ट पढ़ना, उर्वरक की सही मात्रा तय करना और खेत स्तर पर पोषक प्रबंधन का प्रत्यक्ष प्रशिक्षण दिया गया।
प्रतिभागियों ने मृदा स्वास्थ्य कार्ड, सूक्ष्म पोषक तत्व और जैविक स्रोतों पर हुए सत्रों को सबसे उपयोगी बताया। उन्होंने कहा कि अब वे मृदा रिपोर्ट और फसल की जरूरत के आधार पर किसानों को वैज्ञानिक सलाह दे पाएंगे। कई प्रतिभागियों ने कीट-रोग प्रबंधन, बीज उत्पादन और प्राकृतिक खेती पर भी आगे ऐसे प्रशिक्षण कराने का सुझाव दिया।
कार्यक्रम के सफल संचालन में डॉ. धर्मजीत खेरवार और सनी कुमार का विशेष योगदान रहा। अंत में सभी प्रतिभागियों को प्रमाण-पत्र देकर मृदा स्वास्थ्य संरक्षण और टिकाऊ खेती को बढ़ावा देने का संकल्प दिलाया गया।
