ग्रिड और ट्रांसमिशन लाइन से जुड़ी समस्याओं का शीघ्र करें समाधान: मुख्यमंत्री 

रिपोर्ट- एस. अंसारी

रांची: मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने राज्य में निर्बाध और गुणवत्तापूर्ण बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के उद्देश्य से बुधवार को प्रोजेक्ट भवन में बिजली विभाग की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की। मंत्रालय के सभाकक्ष में आयोजित इस बैठक में ग्रिड और ट्रांसमिशन लाइनों के विस्तार में आ रही दिक्कतों को दूर करने पर गहन मंथन हुआ। मुख्यमंत्री ने पीसीसीएफ वाइल्डलाइफ (PCCF Wildlife) सहित हजारीबाग, बोकारो और धनबाद जिलों के उपायुक्तों को स्पष्ट निर्देश दिया कि वे ग्रिड और ट्रांसमिशन लाइनों से जुड़ी सभी तरह की बाधाओं और तकनीकी समस्याओं का त्वरित निदान करें। उन्होंने कहा कि विकास कार्यों और बुनियादी ढांचे के विस्तार में वन विभाग की स्वीकृतियों या अन्य कारणों से हो रही देरी को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

निर्धारित समय-सीमा में काम पूरा करने की हिदायत

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने सभी संबंधित जिला पदाधिकारियों को कड़े शब्दों में कहा कि उनके जिलों में बिजली आपूर्ति और बुनियादी ढांचे के सुदृढ़ीकरण से जुड़ी परेशानियों को एक निश्चित समय-सीमा के भीतर दूर किया जाए। ट्रांसमिशन नेटवर्क के सुचारू संचालन से ही राज्य के हर घर तक बिना कटौती के बिजली पहुंचाई जा सकती है।

मुफ्त बिजली योजनाओं को धरातल पर उतारने की तैयारी

समीक्षा बैठक के दौरान विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को राज्य सरकार की हालिया जन-कल्याणकारी योजनाओं की प्रगति से अवगत कराया। गौरतलब है कि राज्य सरकार ने हाल ही में कैबिनेट बैठक के माध्यम से राज्य के 39.44 लाख उपभोक्ताओं के लिए 200 यूनिट तक मुफ्त बिजली देने और पुराने बकाए बिलों को माफ करने का ऐतिहासिक फैसला लिया है। इसके साथ ही पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए ‘एक पेड़ लगाने पर 5 यूनिट मुफ्त बिजली’ की योजना भी शुरू की गई है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि इन योजनाओं का लाभ हर पात्र उपभोक्ता तक पारदर्शिता के साथ पहुंचाना सुनिश्चित करें

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