झारखंंड के सत्तापक्ष के विधायकों को छत्तीसगढ़ ले जाने की चर्चा

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की कुर्सी को लेकर संशय बरकरार

> तीन बसों पर विधायकों के रवाना होने की मिल रही जानकारी

रांची। झारखंंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की विधानसभा सदस्यता के संबंध में केंंद्रीय चुनाव का फैसला कभी भी आ सकता है। इधर, सत्ता पक्ष के विधायक सामान के साथ मुख्यमंत्री आवास पहुंच रहे हैं। चर्चा है कि सत्ता पक्ष के विधायकों को तीन बसों पर किसी खास जगह पर ले जाया जा रहा है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेेेन भी साथ बताये जा रहे हैं। विधायकों के छत्तीसगढ़ या पश्चिम बंगाल ले जाने की बात जोड़ पकड़ रही है। भाजपा सांसद निशिकांत दूबे ने ट्वीट कर सूबे के सत्ता पक्ष के विधायकों छतीसगढ़ ले जाये जाने की बात कह रहे हैं।

 बताते चले कि मुख्यमंत्री द्वारा खनन लीज के मामले पर केंद्रीय चुनाव आयोग ने संज्ञान लिया है। हेमंत सोरेन के मुख्यमंत्री पद की कुर्सी जा सकती हैं। कयास लगाया जा रहा है कि सरकार पर संकट के बीच सत्ता पक्ष के विधायकों को लेकर राज्य सरकार संभवतः आशंकित हैं। मामले को लेकर लगातार बैठकें भी हो रही है।

इधर, कुर्सी पर खतरा देख मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन भाजपा पर केंद्रीय एजेंसियों और संस्थानों के दुरुपयोग की बात कह रहे हैं। देवघर में प्रधानमंत्री मोदी के सम्मान में कसीदे पढ़नेवाले और झारखंड के आदिवासियों को बड़ी सौगात देने पर हृदय से आभार प्रकट करनेवाले मुख्यमंत्री भाजपा की केंद्र सरकार पर आदिवासी को डराने और दबाने जैसी बातें सोशल प्लेटफार्म पर कर रहे हैं। सोशल मीडिया पर बाहरी-भीतरी का राजनैतिक शिगूफा भी छोड़ा जा रहा है।

जबकि आदिवासी मूल की द्रौपदी मुर्मू को देश के सर्वोच्च पद पर विराजमान करनेवाली एनडीए की सरकार को राष्ट्रपति चुनाव में यूपीए के झामुमो ने भी अपना समर्थन दिया था।

 

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