रैयत विस्थापित मोर्चा और प्रबंधन के बीच हुई वार्ता 

भुरकुंडा (रामगढ़): भुरकुंडा परियोजना के रिवर साइड में रैयत विस्थापित मोर्चा का धरना शनिवार को समाप्त हो गया। रैयत विस्थापित मोर्चा और प्रबंधन के बीच हुई वार्ता में सात स्थानीय युवकों को नियोजन देने पर सहमति बनी। नियोजन मिलने के बाद मोर्चा ने अपना धरना-प्रदर्शन वापस ले लिया है। समझौते के बाद नये संगम आउटसोर्सिंग पैच से ओबी की ढुलाई फिर से सामान्य हो गई है। 

बताया जाता है कि रैयत विस्थापित मोर्चा के अनिश्चितकालीन धरना के दूसरे दिन शनिवार को प्रबंधन ने मोर्चा के प्रतिनिधियों के साथ वार्ता की। जिसमें भुरकुंडा परियोजना पदाधिकारी कुमार राकेश सत्यार्थी, खान मैनेजर अजय सिंह, आउटसोर्सिंग कंपनी के प्रतिनिधि मौजूद रहे। जबकि मोर्चा की ओर से रंजीत बेसरा और सन्नी कुमार बेसरा शामिल रहे।भुरकुंडा ओपी प्रभारी उपेंद्र कुमार की मौजूदगी में हुई वार्ता के दौरान सात लोगों को नियोजन देने पर सहमति बनी और प्रक्रिया को आगे बढ़ाया गया। 

आउटसोर्सिंग कंपनी बीएलए इंफ्रास्ट्रक्चर प्राइवेट लिमिटेड के भुरकुंडा साइट पर काम करने हेतु स्थानीय राकेश कुमार मुंडा, चुन्नू मांझी, बबलू हांसदा, अनिल मुर्मू, मनोज मांझी, संजय मांझी और ब्रह्मदेव मुर्मू को 12000 रूपये वेतन पर नियोजित किया गया। नियोजन मिलने पर रैयत विस्थापित मोर्चा ने संतुष्टि जताते हुए आंदोलन वापस ले लिया।