जिले के विभिन्न पर्यटन स्थलों को किया जाएगा विकसित
• जिला के वरीय अधिकारियों ने पर्यटन स्थलों का लिया जायजा
रामगढ़: जिले में पर्यटन से संबंधित सर्किट विकसित करने और विभिन्न पर्यटन स्थलों को एक-दूसरे से जोड़ने को लेकर रविवार को उपायुक्त रामगढ़ ऋतुराज ने बड़ी पहल की। उपायुक्त ने पुलिस अधीक्षक मुकेश कुमार लुनायत, वन प्रमंडल पदाधिकारी नीतीश कुमार सहित संबंधित अधिकारियों के साथ जिले के विभिन्न पर्यटन स्थलों का निरीक्षण किया।

निरीक्षण के दौरान उपायुक्त ने पर्यटन स्थलों के ऐतिहासिक एवं पौराणिक महत्व, प्राकृतिक सौंदर्य, वर्तमान स्थिति, पर्यटकों के लिए उपलब्ध सुविधाओं तथा भविष्य में किए जाने वाले विकास कार्यों की विस्तार से जानकारी ली। उन्होंने कहा कि रामगढ़ जिला प्राकृतिक सौंदर्य, धार्मिक आस्था, ऐतिहासिक धरोहर एवं सांस्कृतिक विरासत के दृष्टिकोण से अत्यंत समृद्ध है। जिले के विभिन्न पर्यटन स्थलों को एक समेकित पर्यटन सर्किट के रूप में विकसित करने से स्थानीय पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा तथा जिले में आने वाले पर्यटकों को एक ही क्षेत्र में विभिन्न प्रकार के पर्यटन स्थलों का भ्रमण करने का अवसर प्राप्त होगा।
डेली पाइला धार्मिक स्थल में सुविधाओं के विकास को लेकर निर्देश
निरीक्षण की शुरुआत दुलमी प्रखंड अंतर्गत डेली पाइला धार्मिक स्थल से की गई। उपायुक्त एवं वन प्रमंडल पदाधिकारी ने स्थल का निरीक्षण कर वहां श्रद्धालुओं एवं पर्यटकों के लिए आवश्यक सुविधाओं की जानकारी ली। उपायुक्त ने मंदिर तक पहुंचने वाली सीढ़ियों के निर्माण, मंदिर के तोरण द्वार के निर्माण, लोगों के बैठने की व्यवस्था, शौचालय एवं अन्य मूलभूत सुविधाओं के विकास को लेकर संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
किला मंदिर में पार्किंग, प्रकाश एवं मूलभूत सुविधाएं सुदृढ़ करने का निर्देश
इसके उपरांत उपायुक्त ने रामगढ़ शहर स्थित किला मंदिर का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने मंदिर परिसर एवं आसपास के क्षेत्र में पार्किंग व्यवस्था को सुदृढ़ करने, पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था सुनिश्चित करने तथा शौचालय सहित अन्य आवश्यक मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने का निर्देश दिया। उपायुक्त ने कहा कि धार्मिक एवं ऐतिहासिक स्थलों पर आने वाले श्रद्धालुओं एवं पर्यटकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना जिला प्रशासन की प्राथमिकता है।*
प्राचीन शिव मंदिर कैथा के संरक्षण एवं जीर्णोद्धार पर जोर
उपायुक्त ने प्राचीन शिव मंदिर कैथा का भी निरीक्षण किया। उन्होंने मंदिर के ऐतिहासिक एवं धार्मिक महत्व की जानकारी ली तथा मंदिर के रेस्टोरेशन वर्क को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। साथ ही श्रद्धालुओं एवं पर्यटकों की सुविधा के लिए जन सुविधाओं के विकास पर भी विशेष ध्यान देने का निर्देश दिया गया।
वर्ल्ड वॉर-2 के चाइना सिमेट्री का निरीक्षण
रामगढ़ स्थित वर्ल्ड वॉर-2 सिमेट्री, जिसे चाइना कब्रिस्तान के नाम से भी जाना जाता है, का भी उपायुक्त द्वारा निरीक्षण किया गया। उन्होंने स्थल की ऐतिहासिक महत्ता एवं वर्तमान स्थिति की जानकारी ली। उपायुक्त ने कहा कि जिले के ऐतिहासिक स्थलों के संरक्षण एवं उनके महत्व को व्यापक स्तर पर प्रचारित करने की आवश्यकता है, ताकि देश-विदेश से आने वाले पर्यटक इन स्थलों के इतिहास से परिचित हो सकें।
रामगढ़ किला के पौराणिक इतिहास की जानकारी जुटाने का निर्देश
इसके बाद उपायुक्त ने रामगढ़ अंतर्गत रामगढ़ किला (गढ़बांध किला) का निरीक्षण किया। उन्होंने जिला पर्यटन पदाधिकारी को किले के पौराणिक एवं ऐतिहासिक इतिहास की विस्तृत जानकारी प्राप्त कर संबंधित प्रतिवेदन उपलब्ध कराने का निर्देश दिया। उपायुक्त ने कहा कि किसी भी पर्यटन स्थल को विकसित करने से पहले उसके इतिहास, महत्व एवं विशेषताओं का सही दस्तावेजीकरण आवश्यक है। इससे पर्यटकों को स्थल की वास्तविक ऐतिहासिक पृष्ठभूमि से अवगत कराने में सहायता मिलेगी।
गांधी घाट (मुक्तिधाम) में बंद परियोजनाओं को पुनः शुरू करने का निर्देश
इस क्रम में उपायुक्त ने गांधी घाट (मुक्तिधाम), रामगढ़ का भी निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने वहां चल रहे एवं पूर्व में किए गए विकास कार्यों की स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने बंद पड़ी परियोजनाओं को पुनः शुरू करने का निर्देश दिया। साथ ही मुक्तिधाम संचालन समिति को आवश्यक विकास कार्यों एवं मूलभूत सुविधाओं से संबंधित मांगों का आवेदन जिला प्रशासन को उपलब्ध कराने का निर्देश दिया, ताकि आवश्यकतानुसार आगे की कार्रवाई की जा सके।
मुर्रामकला में ग्लास ब्रिज निर्माण को लेकर स्थल निरीक्षण
मुर्रामकला क्षेत्र में प्रस्तावित ग्लास ब्रिज के निर्माण को लेकर भी उपायुक्त ने स्थल निरीक्षण किया। उन्होंने स्थल की भौगोलिक स्थिति एवं संभावनाओं का जायजा लेते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उपायुक्त ने कहा कि जिले में नए पर्यटन आकर्षण विकसित करने के साथ-साथ पर्यटकों की सुरक्षा, सुविधा एवं पर्यावरण संरक्षण का विशेष ध्यान रखा जाएगा।
एनवायरमेंट अवेयरनेस सेंटर के विकास को लेकर निर्देश
निरीक्षण के क्रम में उपायुक्त ने वन प्रमंडल पदाधिकारी कार्यालय के समीप स्थित एनवायरमेंट अवेयरनेस सेंटर का भी निरीक्षण किया। उन्होंने केंद्र के इतिहास एवं वर्तमान गतिविधियों की जानकारी ली और प्रस्तावित विकास कार्यों के संबंध में आवश्यक निर्देश दिए। उपायुक्त ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण एवं जन-जागरूकता से जुड़े ऐसे केंद्रों को और अधिक प्रभावी बनाया जाना आवश्यक है, ताकि यहां आने वाले पर्यटकों एवं आम लोगों को पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक किया जा सके।
पर्यटन सर्किट से स्थानीय अर्थव्यवस्था को मिलेगी मजबूती
निरीक्षण के दौरान उपायुक्त ऋतुराज ने कहा कि रामगढ़ जिले में धार्मिक, ऐतिहासिक, प्राकृतिक एवं सांस्कृतिक पर्यटन की अपार संभावनाएं हैं। जिले के प्रमुख पर्यटन स्थलों को एक पर्यटन सर्किट के रूप में विकसित करने से पर्यटकों के आवागमन में वृद्धि होगी। इससे स्थानीय लोगों के लिए रोजगार एवं स्वरोजगार के अवसर सृजित होंगे तथा होटल, परिवहन, स्थानीय उत्पाद, हस्तशिल्प एवं अन्य संबंधित क्षेत्रों को भी बढ़ावा मिलेगा।
उन्होंने संबंधित अधिकारियों को सभी पर्यटन स्थलों की विस्तृत कार्ययोजना तैयार करने, आवश्यक मूलभूत सुविधाओं का आकलन करने तथा ऐतिहासिक एवं पौराणिक स्थलों के दस्तावेजीकरण की दिशा में कार्य करने का निर्देश दिया। उपायुक्त ने कहा कि पर्यटन स्थलों का विकास करते समय पर्यावरण संरक्षण, स्थानीय संस्कृति एवं ऐतिहासिक विरासत के संरक्षण को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाएगी।
मौके पर प्रभारी पदाधिकारी गोपनीय शाखा रविंद्र कुमार गुप्ता जिला खेल सह पर्यटन पदाधिकारी संजीत कुमार सहित, जिला प्रशासन एवं संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।
