| 12 स्कूलों के प्रधानाध्यापक और शिक्षकों का रोका गया वेतन |
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खराब प्रदर्शन करने वाले शीर्ष 5 विद्यालय उत्क्रमित उच्च विद्यालय, लपंगा: 68%, उत्क्रमित उच्च विद्यालय, छत्तरमांडू: 71% उत्क्रमित उच्च विद्यालय, डाड़ीडीह: 73% उत्क्रमित उच्च विद्यालय, बीचा: 75% उत्क्रमित उच्च विद्यालय, कंजगी: 78% |
रामगढ़: जिला अंतर्गत झारखंड अधिविध परिषद (जैक) की 10वीं बोर्ड परीक्षा में निराशाजनक प्रदर्शन करनेवाले 64 स्कूलों से जिला प्रशासन ने स्पष्टीकरण मांगा है। वहीं संतोषजनक प्रदर्शन नहीं करनेवाले शीर्ष 12 विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों और शिक्षकों के वेतन पर फिलहाल रोक लगा दी गई है। जिला शिक्षा पदाधिकारी रामगढ़ कुमारी नीलम ने परीक्षाफल की समीक्षा के उपरांत जिले के सरकारी और उत्क्रमित उच्च विद्यालयों के विरुद्ध कड़ा रुख अपनाया है। उपायुक्त के निर्देश पर स्कूलों के प्रदर्शन की समीक्षा के क्रम में पाया गया कि कई विद्यालयों का परीक्षाफल संतोषजनक नहीं रहा है।
बताया जाता है कि जिले के ऐसे 52 विद्यालय जिनका परीक्षाफल 100% नहीं रहा है, उन्हें 24 घंटे के भीतर स्पष्टीकरण देने का निर्देश दिया गया है। इन विद्यालयों का उत्तीर्णता प्रतिशत 87% से 99% के बीच रहा है। जबकि चिंताजनक प्रदर्शन वाले 12 ऐसे विद्यालयों की पहचान की गई है जिनका परीक्षाफल अत्यंत निराशाजनक है। इन स्कूलों में उत्तीर्णता का स्तर 68% (न्यूनतम) तक गिर गया है। खराब प्रदर्शन करने वाले इन 12 विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों एवं संबंधित टी.जी.टी. शिक्षकों का वेतन तत्काल प्रभाव से स्थगित कर दिया गया है। संतोषजनक स्पष्टीकरण प्राप्त होने तक इनका वेतन भुगतान बंद रहेगा।
जिला शिक्षा पदाधिकारी ने कहा है कि जहां जिले के कई विद्यालयों ने शत-प्रतिशत परिणाम देकर गौरव बढ़ाया है, वहीं इन विद्यालयों का पिछड़ना शैक्षणिक गुणवत्ता पर सवाल खड़े करता है। सभी संबंधित प्रधानाध्यापकों को निर्देशित किया गया है कि वे निर्धारित समयावधि के भीतर अपना स्पष्टीकरण कार्यालय को उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें।
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