पांच सूत्री मांगें पूरी नहीं होने पर जताया रोष
भुरकुंडा (रामगढ़): रैयत विस्थापित मोर्चा की बैठक सोमवार को जवाहर नगर पंचायत भवन में हुई। जिसकी अध्यक्षता शाखा अध्यक्ष सन्नी कुमार बेसरा और संचालन शंकर मांझी ने किया।
बैठक में विस्थापितों की विभिन्न मांगों पर चर्चा की गई और प्रबंधन द्वारा अब तक कोई पहल नहीं करने पर नाराजगी जताई गई। मोर्चा के पदाधिकारियों ने बताया कि 23 सितंबर 2026 को पांच सूत्री मांगों से संबंधित पत्र प्रबंधन को सौंपा गया था और कार्रवाई के लिए करीब दो सप्ताह का समय दिया गया था, लेकिन अब तक कोई सकारात्मक पहल नहीं हुई है।
मोर्चा ने कहा कि प्रबंधन के इस रवैये के कारण विस्थापितों के सामने आंदोलन के अलावा कोई विकल्प नहीं बचा है। बैठक में निर्णय लिया गया कि मांगों पर शीघ्र पहल नहीं हुई तो चरणबद्ध आंदोलन शुरू किया जाएगा।
मोर्चा की प्रमुख मांगों में रोड सेल का संचालन विस्थापितों द्वारा कराए जाने, कोयला ट्रांसपोर्टिंग का कार्य स्थानीय विस्थापितों को दिए जाने और बीएलए आउटसोर्सिंग कंपनी में रोजगार में स्थानीय विस्थापितों को प्राथमिकता देने की मांग शामिल है। बैठक में कहा गया कि क्षेत्र में चल रहे कार्यों में बाहरी लोगों की बजाय स्थानीय विस्थापितों को प्राथमिकता दी जानी चाहिए।
बैठक में रंजित बेसरा, वीरेंद्र मांझी, बिहारी मांझी, मिलन यादव, धनीराम मांझी, संतोष यादव, ठूरका मांझी, मनोज मुर्मू, मनोज मांझी, अनिल रजवार, महेश सोरेन, उमेश कुमार, राजेश मुर्मू, देवलाल मांझी, अघनु उरांव, संतोष गंझू, संजयनाथ करमाली, अनिल मांझी, किशुन सोरेन, पिंटू मुर्मू, शिवराज हांसदा, बबलू हेम्ब्रम और सुनील तुरी समेत कई लोग उपस्थित थे।
